Safed Boriyon Wali Puliya

Safed Boriyon Wali Puliya

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इस उपन्यास की बुआ के पास सुनाने के लिए अमेज़न की रोमांचक कहानियाँ हैं। कुछ इस तफसील से कि आपको वो घटता दिखता है। दिखता ही नहीं आप उसमें शामिल भी होते हैं। वहाँ नील का विस्तार है। अमेजन का अनूठा जीव-जगत है। इस गहराई से बताने वाली बुआ कभी घर से बाहर नहीं निकली है - यह बात चौंका जाएगी। दरअसल बुआ अमेज़न के जीवन-संसार के वीडियो को देख-देखकर उस इलाके के चप्पे-चप्पे को जानने लगी थी। अमेजन को लेकर भले ही उनमें डर न हो पर अपने आसपास को लेकर वो हमेशा सशंकित रहती थीं। इसीलिए बच्चों के साथ इधर न जाओ, उधर न जाओ की टोका-टाकी चलती रहती थी। पर बच्चों के लिए पास का रोमांच कम न था। पास की पुलिया में सफेद बोरियों का दिखना उन्हें अटपटा लगा। और वो खोज पर निकल पड़े।

 जाने-माने शिक्षाशास्त्री कृष्ण कुमार का शिक्षा के समाजशास्त्र और इतिहास पर गहरा अध्ययन है। उन्होंने भारत और पाकिस्तान की शिक्षा पर भी लिखा है। आमतौर पर सरस नॉनफिक्शन के लिए जाने जाने वाले कृष्ण कुमार का बच्चों के लिए लिखा यह एक सुन्दर अपन्यास है। और उतने की सुन्दर चित्र हैं नचिकेत पटवर्धन के।


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Age
Age 12+
Book Details
Author Krishna Kumar
Illustrator Nachiket Patwardhan
Publisher Jugnoo Prakashan, an imprint of Ektara Trust
Year 2026
ISBN 978-93-4928-657-3
No. of Pages 84
Size 8.5×8.5 inches
Colour Four Colour Print

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Tags: Book, Novel, Fiction, Krishna Kumar, Nachiket Patwardhan

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