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Kautuk
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- Stock: In Stock
- Brand: Jugnoo Prakashan, an imprint of Ektara Trust
- Model: Srijanpeeth Books
- Weight: 320.00g
- EAN: 4901
- ISBN: 978-93-49286-01-6
कौतुक में कौतुक है। कौतुक की अपनी तुक है। कौतुकी तुक। कौतुक में कौतुक की माँ हैं और माँ के साथ गप्प लड़ाती, तारे देखती कौतुक है। एक स्कूल है। कौतुक का स्कूल। स्कूल में कौतुक के दोस्त हैं। दोस्तों की कौतुक भरी बाते हैं। एक पहाड़ है। उसमें कौतुक देखता एक कवि है।
कौतुक पढ़ोगे तो बार बार कौतुक से मिलने का मन करने लगेगा। और फिर तुम अपने दोस्तों में ही कौतुक ढूँढने लगोगे।
तुम्हारी दोस्ती कौतुक भरी हो जाएगी।
राजीव आइप के कौतुक भरे चित्रों से सजी एक सलोनी किताब।
ISBN - 9789349286016
| Age | |
| Age | 12+ |
| Book Details | |
| Author | Manav Kaul |
| Illustrator | Rajiv Eipe |
| Publisher | Jugnoo Prakashan, an imprint of Ektara Trust |
| Year | 2026 |
| ISBN | 978-93-49286-01-6 |
| No. of Pages | 110 |
| Size | 9.75×7.85 inches |
| Colour | Four Colour Print |
