- Stock: In Stock
- Brand: Jugnoo Prakashan, an imprint of Ektara Trust
- Model: Story Book
- Weight: 80.00g
- EAN: 4901
- ISBN: 978-81-9705-304-7
- MPN: 978-81-9705-304-7
जहाँगीर रतनजी दादाभाई टाटा जिन्हें हम जे. आर. डी. टाटा नाम से
ज़्यादा पहचानते हैं आधुनिक भारत के सबसे काबिल कारोबारियों में
से एक रहे हैं। विज्ञान, स्वास्थ्य, कला, परिवहन, शिक्षा, परोकार कौन
सा ऐसा इलाका है जिसमें टाटा का दखल नहीं रहा है। आज़ादी के
बाद भारत को तरक्की की राह पर ले जाने में टाटा का बड़ा हाथ रहा
है। पर टाटा के दिलो-दिमाग में जो छाई रहती थी वो थी - हवाबाज़ी।
इसी के चलते 1932 में टाटा विमानन सेवा शुरू हुई। नाम मिला -
एयर इंडिया।
जेह की पाँच अनूठी उड़ानें उनके जीवन की बेमिसाल और हैरतअँगेज़
उड़ानों की सचमुच अनूठी दास्तान है। उनकी पहली उड़ान हुई 1929
में। और किताब में उनकी पाँचवीं उड़ान का साल 1982 था। यानी
53 साल के वक्फे में फैला था उनकी उड़ान का सफर। ये वो साल
थे जब आम लोगों के लिए हवाई उड़ानें भरना चाँद पर जाने से कम
न था। पर जे. आर. डी. अपनी खब्त और जुनून के चलते इसे आम
लोगों की पहुँच में ले आए।
इस अनूठी उड़ान का हामी कौन नहीं बनना चाहेगा। कविता
सिंह काले ने इनमें अपनी उड़ान शामिल कर एक और रंग जोड़
दिया है। अब पाठकों की बारी है। इस किताब की छठी उड़ान हर
पाठक की अपनी उड़ान होगी। यह किताब हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों
भाषाओं में है।
| Age | |
| Age | 12+ |
| Book Details | |
| Author | Nandita Da Cunha |
| Illustrator | Kavita Singh Kale |
| Publisher | Jugnoo Prakashan, an imprint of Ektara Trust |
| Year | 2025 |
| Binding | Paperback |
| ISBN | 978-81-9469-287-4 |
| Language | Hindi |
| No. of Pages | 48 |
| Size | 8.5×8.5 inches |
| Colour | Four Colour Print |
